**जोबट, मध्य प्रदेश।**
जोबट विधानसभा क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। जनपद पंचायत जोबट के उपयंत्री मालसिंह वास्कले को पद से हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को क्षेत्र के सरपंचों ने बड़ा कदम उठाया। विधायक सेना महेश पटेल के नेतृत्व में एक विशाल प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर कार्यालय पहुँचा और विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
# 📌 **पहले भी उठ चुका है मामला, अब बढ़ा आक्रोश**
जानकारी के अनुसार, इस मुद्दे को विधायक सेना महेश पटेल पहले ही प्रशासन के सामने रख चुके थे। उन्होंने 30 मार्च 2026 को पत्र क्रमांक 51 के माध्यम से उपयंत्री के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।हालांकि, लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से सरपंचों और ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ती गई। इसी कारण अब सामूहिक रूप से कलेक्टर से मिलकर दोबारा शिकायत प्रस्तुत की गई।
**गंभीर आरोप: विकास कार्यों में अनियमितता और लापरवाही**
सरपंचों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में उपयंत्री मालसिंह वास्कले पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
* विकास कार्यों में लगातार अनियमितताएं
* निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी
* पंचायत प्रस्तावों को समय पर स्वीकृति न देना
* ग्रामीण समस्याओं के समाधान में लापरवाही
इन समस्याओं के चलते क्षेत्र में विकास की गति प्रभावित हो रही है और आम जनता में असंतोष का माहौल बन गया है।
*आंदोलन की चेतावनी**
प्रतिनिधिमंडल में शामिल सरपंचों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं की गई, तो पंचायत स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह पहली शिकायत नहीं है—इससे पहले भी कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन कोई परिणाम सामने नहीं आया।
**विधायक का सख्त रुख**
इस दौरान विधायक सेना महेश पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“जनता के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।”
उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और क्षेत्र में विकास कार्यों को सुचारू रूप से चलाने की मांग की।
**कलेक्टर का आश्वासन**
कलेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
*अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजर**
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जोबट क्षेत्र की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की नजर अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है, जो यह तय करेगी
कि आरोपों पर कितना और कैसा कदम उठाया जाता है।



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