अलीराजपुर — आज नीतू माथुर ने आधिकारिक तौर पर अलीराजपुर कलेक्टर के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। अपने पहले कार्यक्रम से पहले उन्होंने मां चामुंडा के मंदिर में श्रद्धा-सुमन अर्पित कर आशीर्वाद लिया। पद ग्रहण के बाद उन्होंने जिले के समग्र विकास और सामाजिक चुनौतियों पर अपनी प्राथमिकताएँ रखीं।
माथुर ने कहा कि अलीराजपुर शांति-पूर्ण और संभावनाओं से भरा जिला है। वहीं, उन्होंने पलायन को बड़ी समस्या बताया और इसे घटाने के लिये स्थानीय लोगों के लिये रोजगार और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उनकी योजना है कि ग्राम स्तर पर चल रही योजनाओं और विभिन्न विभागों की पहलों को जोड़कर लोगों तक रोजगार के अवसर पहुंचाए जाएँ।
उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य को भी ऊपरी पंक्ति में रखा — विशेषकर आदिवासी आबादी वाले क्षेत्रों में जहाँ साक्षरता औसत से कम है। कलेक्टर ने कहा कि हर बच्चे का स्कूल में नामांकन सुनिश्चित करना, शिक्षा के स्तर को ऊपर लाना और महिला व बाल विकास तथा पोषण कार्यक्रमों को मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा।
माथुर ने प्रशासनिक भूमिका के सम्बन्ध में कहा कि कलेक्टर का पद शासन और जनता के बीच का सेतु होता है, इसलिए राज्य की नीतियों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू कराना उनकी जिम्मेदारी होगी। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ उन सभी पात्र नागरिकों तक पहुँचे।
कलेक्टर नीतू माथुर ने अंत में कहा कि वे अलीराजपुर को विकास की राह पर आगे बढ़ाने के लिये पूरे जिला प्रशासन और स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर काम करेंगी।


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