आलीराजपुर के मथवाड़ा ग्राम का ऐतिहासिक फ़ैसला: डीजे-दारू बैन, ढोल-मांदल का सम्मान

आलीराजपुर के मथवाड़ा ग्राम पंचायत ने एक ऐतिहासिक और सर्वसम्मत निर्णय लेते हुए गाँव की सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रविवार को पंचायत परिसर में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में यह तय किया गया कि अब ग्राम मथवाड़ की सीमा में किसी भी शादी, बारात या समारोह में डीजे का पूरी तरह से इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा।

      
पचायत ने स्पष्ट किया कि आधुनिक शोरगुल और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले डीजे की जगह केवल पारंपरिक वाद्ययंत्र जैसे **ढोलिया, मांदल और देशी बैंड** का ही उपयोग किया जाएगा। इसके लिए गाँव की सहमति से ढोलिया-मांदल की सेवाओं का किराया भी तय कर दिया गया है *दो दिन और एक रात के लिए ₹36,000**, जिससे स्थानीय कलाकारों को सम्मानजनक आमदनी सुनिश्चित होगी।
बैठक में विदेशी शराब के सेवन और बिक्री पर भी पूर्ण प्रतिबंध लागू करने का निर्णय लिया गया। नियमों का उल्लंघन करने पर सख़्त कार्यवाही होगी — डीजे जप्त करवा कर सीधे थाने भेजा जाएगा और **₹51,000 का भारी जुर्माना** लगाया जाएगा।

बैठक में सरपंच **भलसिंह कनेश**, वरिष्ठ ग्रामवासी **दिलीप पटेल, लाला नरगावा** सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने इन निर्णयों का स्वागत करते हुए गाँव में **शांति, परंपरा और सामाजिक अनुशासन बनाए रखने का संकल्प** लिया।

इसी कड़ी में **मिशन D3** के संस्थापक सामाजिक कार्यकर्ता **नितेश अलावा** ने घोषणा की कि दिवाली के बाद जिलेभर में सक्रिय D3 कार्यकर्ताओं का एक **सम्मान समारोह** आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर जिलेभर के संरक्षक जनप्रतिनिधियों के साथ जिलाधीश, पुलिस कप्तान और विशेष अतिथि के रूप में **इंदौर ग्रामीण क्षेत्र DIG** को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि प्रशासनिक सहयोग से इस मुहिम को और सशक्त बनाया जा सके।

मथवाड़ पंचायत का यह कदम न केवल गाँव की **सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण** की दिशा में सराहनीय पहल है, बल्कि ध्वनि प्रदूषण और नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाने की **मिसाल** भी है।


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