जोबट में हिंदू सम्मेलन की तैयारियों ने पकड़ा जोर जोबट नगर की **केशव बस्ती** में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के आगामी **विशाल हिंदू सम्मेलन** को लेकर तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू करने जा रहा है। इसी क्रम में **25 दिसंबर 2025** को एक **अहम रणनीतिक बैठक** आयोजित की गई, जिसमें **4 जनवरी 2026 (रविवार)** को प्रस्तावित सम्मेलन की संपूर्ण कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जोबट नगर को तीन बस्तियों में बाटा है केशव बस्ती , माधव बस्ती , सुदर्शन बस्ती तीनों बस्तियों में एकसाथ आयोजन होंगे,यह महत्वपूर्ण बैठक **शाम 7:30 बजे**, **वाणी समाज भवन** में संपन्न हुई, जिसमें संघ से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी, समाज के प्रमुख कार्यकर्ता, युवा शक्ति और मातृशक्ति की प्रभावी उपस्थिति रही।
बैठक में मौजूद प्रमुख पदाधिकारी**
**श्री हरीश जी सोनी** – जिला सामाजिक समरसता ,*श्री विपुल जी देवड़ा** – नगर कार्यवाह ,समाज के प्रमुख युवा कार्यकर्ता मातृशक्ति की सक्रिय सहभागिता रही
बैठक में बनी बड़ी रणनीति – एक-एक बिंदु पर फैसला**
सम्मेलन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए **धन संग्रह** की ठोस और समयबद्ध योजना बनाई गई।*घर-घर जनसंपर्क – हर परिवार तक न्योता**सभी मोहल्लों में **गृह संपर्क *पीले चावल** देकर सम्मेलन में सहभागिता का आग्रह किया जाएगा
**विशेष वितरण अभियान – 30 दिसंबर तक लक्ष्य पूरा**
**हर घर रुद्राक्ष वितरण भगवा पताका वितरण आमंत्रण पत्रक वितरण**
**30 दिसंबर तक सभी वितरण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य तय**
**हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति गठित**
बैठक में गठित **हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति** को सभी अभियानों के संचालन, समन्वय और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
❓ **RSS 4 जनवरी को हिंदू सम्मेलन क्यों कर रहा है? – पूरी वजह**
**1️⃣ RSS का शताब्दी वर्ष**
RSS की स्थापना **1925** में हुई थी **2025 से 100वां वर्ष (शताब्दी वर्ष)** देशभर में **भव्य जन-संपर्क कार्यक्रमों** की श्रृंखला* हिंदू सम्मेलन इसी राष्ट्रीय अभियान का अहम हिस्सा
# **2️⃣ हिंदू समाज में एकता का संदेश**
RSS का मानना है कि हिंदू समाज जाति, भाषा और क्षेत्र में बँटा है।सम्मेलन का उद्देश्य— सभी वर्गों को एक मंच पर लाना सामाजिक दूरी और भेदभाव को कम करना “संस्कृति एक, जड़ें एक” का संदेश देना
**3️⃣ सांस्कृतिक व वैचारिक जागरूकता**
भारतीय संस्कृति और परंपराओं पर संवाद, इतिहास, समाज और राष्ट्र से जुड़े मुद्दे, आधुनिक दौर में सांस्कृतिक पहचान की रक्षा
**4️⃣ सामाजिक समस्याओं पर मंथन**
सम्मेलन में उठेंगे मुद्दे— नशा और बेरोजगारी,युवाओं की दिशाहीनता, परिवार व्यवस्था का कमजोर होना, नैतिक और सामाजिक पतन
**6️⃣ राजनीतिक नहीं, लेकिन वैचारिक प्रभाव**
RSS खुद को राजनीतिक संगठन नहीं मानता, लेकिन—* समाज को वैचारिक रूप से संगठित करना,* सामाजिक चेतना का निर्माण दीर्घकालिक सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव
**7️⃣ 4 जनवरी की तारीख क्यों?**
किसी विशेष पर्व से जुड़ी नहीं,**शताब्दी वर्ष की राष्ट्रीय कार्यक्रम सूची** के अनुसार तय

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