आलीराजपुर ज़िले के **कट्ठीवाड़ा विकासखंड** के लगभग **20 गांवों** के **पटेल, पुजारा और कोटवारों** की एक महत्वपूर्ण बैठक **जनजाति विकास मंच** के तत्वावधान में संपन्न हुई।
बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में मंच के **जिला प्रबुद्ध प्रमुख हरिसिंह जमरा** उपस्थित रहे।
उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा —
“जब तक हम अपने **गांव की सीमा** को मज़बूत नहीं करेंगे, तब तक **पटेलों की असली ताकत** का एहसास नहीं हो पाएगा। गांव में अगर कोई बाहरी व्यक्ति या संगठन कोई गतिविधि कर रहा है, तो उस पर **सबसे पहले पटेल की नज़र** होनी चाहिए।”
जमरा ने यह भी कहा कि गांवों में **राजस्व भरते समय ऑनलाइन एंट्री** की जानकारी पटेलों को अवश्य रखनी चाहिए। कई बार किसान राजस्व तो भर देते हैं, लेकिन वह **ऑनलाइन दर्ज नहीं होता**, जिससे भविष्य में दिक्कतें आती हैं। उन्होंने गांवों में **सामूहिक जागरूकता बैठकों** की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि **हर माह एक बैठक** आयोजित की जानी चाहिए, ताकि समाज की चिंता और दिशा पर विचार किया जा सके।
कार्यक्रम में **माननीय जिला संघ चालक नानसिंह धाकड़** ने भी विचार रखे। उन्होंने कहा —
“पटेल, पुजारा और बडवा ही हमारी **संस्कृति, परंपरा और रीति-रिवाजों के असली वाहक** हैं। धर्मांतरण के प्रयासों के बीच हमें अपनी **अस्तित्व और अस्मिता** की रक्षा करनी होगी। हमारी **पूर्वजों की परंपराओं** को आगे बढ़ाना ही सच्ची सेवा है।”
धकड ने यह भी बताया कि कई जगह **विधर्मी तत्व** आदिवासियों के नाम पर **अवैध रूप से जमीनें लीज पर ले रहे हैं**, जिसकी जानकारी और रोकथाम के लिए पटेलों को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने **पर्यावरण संरक्षण** पर भी चिंता जताते हुए कहा कि क्षेत्र में **अवैध रेत खनन** हो रहा है और इसकी खबर गांव के जिम्मेदार लोगों को तक नहीं है — ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।
बैठक का **संचालन कादु सिंह डुडवे** ने किया, जबकि **आभार प्रदर्शन ब्लॉक अध्यक्ष हरसिंह कलेश** ने किया।
इस अवसर पर **पटेल संगठन के अध्यक्ष राजेश पटेल** और **नरेश तोमर** सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


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