आलीराजपुर जनजातीय अस्मिता और गौरव के प्रतीक "जनजाति गौरव दिवस" को लेकर जिलेभर में तैयारियां जोरों पर हैं। इस अवसर पर जनजाति विकास मंच, जिला आलीराजपुर की ओर से दाहोद रोड स्थित समाधि स्थल पर एक वृहद बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मालवा प्रांत जनजाति कार्य प्रमुख श्री कैलाश जी अमलियार ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने पर सरकारों ने जनजातीय नायकों के योगदान को याद करते हुए उनके स्थलों का जीर्णोद्धार और संरक्षण का कार्य प्रारंभ किया है। आज देश के अनेक शहरों में भगवान बिरसा मुंडा, राणा पुंजा भील और रानी दुर्गावती जैसी महान विभूतियों की प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आलीराजपुर जिले के प्रत्येक विकासखंड में जनजाति गौरव दिवस के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। साथ ही हर विद्यालय, महाविद्यालय और छात्रावास में ‘बिरसा कथा’ के आयोजन, महिलाओं के वृहद सम्मेलन, तथा गांव-गांव में गौरव यात्रा निकालने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही पटेल, पुजारा, चौकीदार एवं संत सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे।
जनजातीय गौरव और एकता के इस महापर्व को लेकर जिला प्रशासन एवं सामाजिक संगठन मिलकर व्यापक तैयारी में जुटे हैं।
15 नवम्बर को जिले में जनजातीय संस्कृति, नायकों और परंपराओं का अभूतपूर्व उत्सव देखने को मिलेगा।


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