किसानों को कम मूल्य मिलने पर कलेक्टर ने मंडी सचिव और व्यापारि को लगाई फटकार

 अलीराजपुर* अलीराजपुर की आम मंडी में कलेक्टर डॉक्टर अभय अरविंद बेडेकर का आकस्मिक निरीक्षण हुआ, जहां उन्होंने किसानों से आम के उचित मूल्य के बारे में पूछा। जब किसानों ने बताया कि उन्हें लगभग ₹5-₹6 प्रति किलो के भाव से आम मिल रहे हैं, तो कलेक्टर ने मंडी सचिव और प्रमुख व्यापारियों सहित संबंधित अधिकारियों को कठोर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि किसानों को उचित दाम मिलने चाहिए और इस निम्न मूल्य पर आम बेचना पूरी तरह से अनुचित है। कलेक्टर ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर किसानों को न्यूनतम ₹15 प्रति किलो का मूल्य ना दिलाया गया तो वे सख्त कार्रवाई करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां पर गरीब और आदिवासी किसान लूटे जा रहे हैं और मंडी में मौजूद अधिकारी और व्यापारी इसके लिए जिम्मेदार हैं। कलेक्टर ने बाजार में बोली लगाने की प्रक्रिया सुधारने, बैठक करने और उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए तत्परता दिखाने को कहा। उनका यह अचानक निरीक्षण और कड़वी नाराजगी किसानों के हित में कार्रवाई का संकेत है और मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता की आवश्यकता को उजागर करता है।



 मंडी प्रबंधन और अधिकारियों को किसानों को उचित मूल्य दिलाना सुनिश्चित करने का आदेश।

 कलेक्टर ने अगले दिन बोली शुरू होने और प्रभावी बैठक बुलाने का निर्देश दिया।


👁️‍🗨️ *अचानक निरीक्षण का प्रभाव:* कलेक्टर के अचानक पहुंचने से मंडी की अनियमितताएं सामने आईं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अधिकारियों की उपेक्षा के कारण किसान नुकसान में हैं। कलेक्टर की त्वरित कार्रवाई किसानों के हित में प्रशासन की सक्रियता को दर्शाती है।

🏷️ **उचित मूल्य निर्धारण पर जोर:**₹15 प्रति किलो न्यूनतम मूल्य तय करने का निर्देश यह संकेत करता है कि वर्तमान बाजार भाव किसानों के उत्पादन लागत के करीब भी नहीं है, जिससे उनकी आय प्रभावित हो रही है। प्रशासन किसानों की आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रशासनिक जवाबदेही कलेक्टर ने मंडी सचिव और कर्मचारियों को जिम्मेदारी समझाई, साथ ही व्यापारी मोहम्मद भाई को भी फटकार लगाई, जो इस संकट की जड़ पर प्रशासनिक और वाणिज्यिक अधिकारियों की गैरजिम्मेदारी को उजागर करता है।

🤝 *सरकारी और कृषि विभागों का संयुक्त प्रयास*: कलेक्टर ने तहसीलदार और कृषि विभाग को कार्यवाही में शामिल करने का आदेश दिया, जिससे विभागीय समन्वय के महत्व और मंडी व्यवस्था में सुधार की दिशा स्पष्ट होती है।

📉 नीलामी प्रक्रिया की विसंगतियाँ: बोली लगाने में पारदर्शिता और वास्तविक मूल्य निर्धारण की कमी से किसानों को न्यूनतम लाभ मिल पा रहा है, जिससे बाजार की प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है।

🚨 *सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी* कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया कि वे किसानों की लूट में शामिल होंगे तो निलंबन समेत कठोर कदम उठाए जाएंगे, जो प्रशासन में अनुशासन और जवाबदेही को बढ़ावा देगा।




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