जोबट नाबालिग से दुष्कर्म व धर्म परिवर्तन प्रकरण में बड़ी कार्रवाई आरोपियों के पासपोर्ट व शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू

आलीराजपुर आलीराजपुर जिले के थाना जोबट क्षेत्र से सामने आए नाबालिग से दुष्कर्म एवं धर्म परिवर्तन के गंभीर मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों के विरुद्ध एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। इस सनसनीखेज मामले में आरोपियों के पासपोर्ट एवं शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।


पुलिस अधीक्षक आलीराजपुर श्री रघुवंश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 30 नवम्बर 2025 को थाना जोबट क्षेत्रांतर्गत एक नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म एवं जबरन धर्म परिवर्तन की अत्यंत गंभीर और संवेदनशील घटना घटित हुई थी। इस मामले में इमरान पिता याकूब निवासी जोबट, अमजद पिता मुबारिक हुसैन खत्री एवं अहमद शेख को आरोपी बनाया गया है। इनमें से अमजद मुख्य आरोपी है, जिसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।

पीड़िता की शिकायत पर थाना जोबट में अपराध क्रमांक 498/2025 पंजीबद्ध किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1), 127(1), 115(2), 351(2), 3(5) सहित पॉक्सो एक्ट, मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम एवं एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है

अनुसंधान के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मुख्य आरोपी अमजद के पास पासपोर्ट एवं शस्त्र लाइसेंस उपलब्ध है, वहीं आरोपी इमरान के पास भी पासपोर्ट होना पाया गया। इस गंभीर अपराध की प्रकृति, सामाजिक संवेदनशीलता तथा कानून-व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए पुलिस द्वारा आरोपियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाया गया है।

इसी क्रम में आलीराजपुर पुलिस ने दोनों आरोपियों के पासपोर्ट निरस्तीकरण हेतु क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, भोपाल को प्रतिवेदन भेज दिया है। वहीं मुख्य आरोपी अमजद के शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कराने के लिए जिला दण्डाधिकारी को भी प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि ऐसे जघन्य अपराधों में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।


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