*आलीराजपुर (म.प्र.) — जनजाति विकास मंच, आलीराजपुर व भारी संख्या में पीड़ित किसान परिवारों ने आज जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या. झाबुआ की कट्ठीवाड़ा शाखा के अधीनस्थ दो सहकारी संस्थाओं — *आदिम जाति सहकारी संस्था (लेम्स) कट्ठीवाड़ा* और *लेम्स आमखुट* — में हुए बड़े पैमाने के किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण वितरण घोटाले से संबंधित विस्तृत ज्ञापन श्रीमान कलेक्टर महोदय एवं श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय, आलीराजपुर को सौंपा।
ज्ञापन के अनुसार, 01 अप्रैल 2017 से 30 अप्रैल 2024 के बीच बैंक, शाखा व संस्था प्रबंधकों की मिलीभगत में सुनियोजित वित्तीय भ्रष्टाचार व करोड़ों रुपए के गबन की घटनाएँ हुईं हैं। मंच ने तत्काल उच्च स्तरीय, निष्पक्ष तथा सघन जाँच व दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
# मुख्य आरोप और खुलासे
जनजाति विकास मंच ने ज्ञापन में निम्नलिखित गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है:
1. **फर्जी खाद बिक्री व 1 करोड़ से अधिक का गबन**
आरोप है कि *लेम्स आमखुट* में संस्था प्रबंधक गिरधारिलाल राठौर व उनके पुत्र (खाद विक्रेता) ने बैंक प्रबंधक निर्भयसिंह तोमर के साथ मिलकर 2024–25 में बैंक स्तर पर करोड़ों रुपये का खाद जमा दिखाया; जबकि संस्था स्तर पर केवल ₹14.00 लाख का खाद खर्च दिखाया गया। शेष खाद स्थानीय व्यापारियों को नगद बेचकर धन का गबन किया गया—मंच ने यह व्यवस्था फर्जीवाड़ा बताया है।
2. **किसानों की KCC ऋण राशियों का हड़पना**
*लेम्स आमखुट* में 109 सदस्यों की KCC वितरण राशि संस्था में जमा की गई लेकिन प्रबंधक गिरधारिलाल राठौर ने उसे बैंक के DMR (डिमांड) खातों में जमा नहीं कराया; परिणामस्वरूप किसान नगदी और खाद के लिए भटक रहे हैं।
* *लेम्स कट्ठीवाड़ा* में 106 सदस्यों के KCC (कुल ₹64.00 लाख) संस्था ने ले लिए, पर बैंक के DMR खातों में जमा नहीं किया गया।
3. **करोड़ों के फर्जी ऋण व 30 करोड़ से अधिक का गबन**
* *लेम्स आमखुट*: कुल डिमांड राशि ₹12.00 करोड़ में से मात्र ₹2.00 करोड़ की वसूली हुई — शेष ₹10.00 करोड़ को फर्जी ऋण के रूप में गबन बताया गया। आरोप है कि एक ही किसान के नाम पर तीन-तीन खाते खोलकर राशि निकाली गई और बैंक प्रबंधक श्री तोमर का 30% हिस्सा बताया जा रहा है।
* *लेम्स कट्ठीवाड़ा*: कुल डिमांड ₹24.00 करोड़ में से मात्र ₹4.00 करोड़ ही वसूल किया गया; शेष ₹20.00 करोड़ को शाखा प्रबंधक तथा संस्था सहायक रफीक मोहम्मद शेख द्वारा गबन किया गया—यह मंच का आरोप है।
4. **उच्च अधिकारियों पर लापरवाही व संभावित संलिप्तता**
मंच ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या. झाबुआ के महाप्रबंधक **के.के. रायकवार** और डिप्टी रजिस्ट्रार **सोलंकी साहब, आलीराजपुर** को भी इस मामले की जानकारी होने के बावजूद आवश्यक उच्च स्तरीय जाँच और कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले 2–3 वर्षों से यह गबन चल रहा होने के बाबजूद रायकवार द्वारा अब तक कोई सघन जाँच नहीं करवाई गई।
# पीड़ित किसानों की मांगें
जनजाति विकास मंच ने प्रशासन से विशेष रूप से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
* कट्ठीवाड़ा शाखा की दोनों संस्थाओं की कुल डिमांड राशि **₹40.00 करोड़** की सघन, त्वरित और निष्पक्ष जाँच कराना।
* बैंक व संबंधित संस्थाओं के सभी दोषी कर्मियों एवं उच्च अधिकारियों के विरुद्ध FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई।
* किसानों को लूटे गए धन की शीघ्र वसूली व आवश्यकीय राहत दिए जाने का आश्वासन।
## प्रशासन एवं अगले कदम
— मंच ने ज्ञापन कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को सौंपते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग दोहराई है।
— स्थानीय प्रशासन तथा बैंक प्रबंधन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी प्राप्त नहीं हुई है (ज्ञापन सौंपे जाने के समय)।
— जनजाति विकास मंच ने कहा है कि यदि प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो वे उन्नत विधिक व जनआंदोलनात्मक कदम उठाने पर भी विचार करेंगे।
**प्रभावित समुदायों के आक्रोश व प्रारंभिक संकेत:** स्थानीय किसानों व पीड़ित परिवारों में गहरी नाराज़गी और न्याय की तीव्र माँग देखी जा रही है। मामला यदि सत्य पाया गया तो यह क्षेत्रीय सहकारी बैंकिंग व KCC वितरण प्रणालियों में बड़े पैमाने पर असर डाल सकता है और अन्य शाखाओं की भी जाँच की आवश्यकता उठ सकती है।


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